सोमवार, 22 अक्तूबर 2012

बड़े लोग...बड़ी बात


अरे भाई, सुने हैं कि मंत्री जी के ट्रस्ट से उन लोगों को भी सामान मिला है...जिनकी मौत कई बरस पहले हो चुकी है....कई के बारे में तो ये भी सुना है कि पैर में बीमारी है और कान की मशीन मिल गई....मंत्री जी कभी क्षेत्र में घूमने नहीं जाते हैं क्या....
अरे भाई साब, आप भी ग़ज़बे बात करते हैं.... क्षेत्र में घूमने के लिए लोग मंत्री बनता है का....उनका फेस देखा है आपने... सेब की तरह लाल है... बड़े-बड़े लोगों के साथ उठक-बइठक करते हैं... गोरी गोरी मेम साब सब से मिलना होता है.... बताइए तो... अगर क्षेत्र में घूमेंगे....तो फेस काला नहीं पड़ जाएगा....बीमारो हो सकते हैं न.....स्टेटस का ख्याल रखना पड़ता है ...इसलिए कोई बड़ा नेता क्षेत्र में नहीं घूमता है.....वैसे टाइमो तो नहिये न मिलता है... देखिए न....कानून मंत्री हैं...साथ में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय भी है.... देश भर के बारे में उन्हें सोचना है....फिर पार्टी के बारे में.....मैडम का टीटीएम करने में टाइम लगता है....फिर विलायत जाकर बड़का यूनिवर्सिटी में पढ़ाते भी न हैं....
अच्छा, तो इसीलिए केजरीवाल को अंग्रेजी में ऐसी गाली दिए कि बहुत लोगों समझ में भी नहीं आया....
हां भाई साब, बड़े लोग की इहे तो खासियत होती है...गाली में भी स्टैंडर्ड खोजता है.....अइसन वइसन गाली तो नेता सब की आम भाषा हो गई है....ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ने और पढ़ाने का इहे सब तो फायदा है....कि गाली भी सुर्खी बन जाती है....
सुने हैं कि प्रेस कांफ्रेंस के लिए पत्रकारों को घर पर बुलाये थे.....लेकिन एक टीवी चैनल वाले पर बहुत गुस्सा गये.....
खिसियाते नहीं तो क्या करते....ऊ बार-बार उनको डिस्टर्ब कर रहा था...पहले तो मंत्रीजी के खिलाफ स्टोरी चला दी....और फिर उन्हीं के घर जाकर सबूत दिखाने लगा...अरे भाई सबूत है तो रखिए न.....जाने दीजिए...अइसन एगो दूगो सबूत है सरकार के पास....हजारो है.....लेकिन कभी निकालती है क्या....वो भी सरेआम...कैमरा...टीवी....मीडिया के सामने....
जो भी हो, लेकिन मंत्री होकर लहू से होली खेलने वाली बात नहीं कहनी चाहिए.....
क्या करते भाई साब ऊ भी.....अरे ऊ भी आदमिये हैं...उसमें भी नेता हैं....देखिए बात ई है कि इस बार के आरोप में स्याही और कलम से बरी नहीं सकते...तो अंतिम उपाय तो करना ही पड़ेगा न....दो दिन पहिलेहे बोले थे कि मैडम के लिए जान दे देंगे....जो दूसरों के लिए जान देगा ऊ अपने लिए ले नहीं सकता है का....वैसे भी नेता..मंत्री के लिए.....लहू....होली....जिंदगी...मौत....घोटाला...आरोप.. समझ गए न....
हां भाई सब समझ गए भाई....बड़े लोग....बड़ी बात...

2 टिप्‍पणियां:

  1. कलकत्ता की दुर्गा पूजा - ब्लॉग बुलेटिन पूरी ब्लॉग बुलेटिन टीम की ओर से आप सब को दुर्गा पूजा की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें ! आज की ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  2. पढ़े लिखे देश के पढ़े लिखे कानून मंत्री...जिनको पकड़ने के लिए कोई कानून नहीं बना... बढ़िया सर....अपनी भाषा में पढ़ कर मजा आ गया..

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